Showing posts with label सिद्ध करो राम थे. Show all posts
Showing posts with label सिद्ध करो राम थे. Show all posts

Wednesday, 7 November 2018

सिद्ध करो राम थे............. या स्वीकार करो कि रामायण काल्पनिक ग्रंथ है...

सिद्ध करो राम थे............. या स्वीकार करो कि रामायण काल्पनिक ग्रंथ है...
(1). एक समय पर दो तरह के इंसान कैसे हो सकते हैं?
एक पूंछ वाला और एक बिना पूंछ वाला...
दोनों मनुष्य की तरह बोलते हैं दोनों के पिता राजा हैं क्या ऐसा संभव है??
(2). मेंढक से मंदोदरी कैसे बन सकती हैं/ पैदा हो सकती है??
(3). लंगोटी का दाग छुड़ाने से अंगद कैसे पैदा हो सकता है??
पक्षी मनुष्य की तरह कैसे काम कर सकता है जैसे गिद्धराज??
(4). किसी मनुष्य के 10 सिर हो ही नहीं सकते इतिहास या पुरातत्व द्वारा आज तक ये सिद्ध नहीं हो पाया कि किसी इंसान के 10 सिर 20 भुजाओं वाला कोई मनुष्य नहीं है.......
(5). जिस लंका की आप बात कर रहे हो,उसका नाम भी 1972 में लंका पड़ा। इसके पहले सिलोन व सीलोन से पहले सिहाली इत्यादि नाम थे तो असली लंका कहा है???